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विकास दहिया का जलवा

MIRA KUMARI · 🇮🇳 India
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Lyrics

ओए!

बल्

ले

बल्

ले!

वि

का

स

दहि

या

आ

गया

है!

पू

रे

वा

र्

ड

में

शो

र

है,

वि

का

स

दहि

या

का

दौ

र

है!

वि

का

स

दहि

या

आया

है,

नई

उम्

मी

द

ला

या

है

वा

र्

ड

की

हर

गली

में,

खु

शि

यों

का

पै

गा

म

ला

या

है

आओ

भा

ई,

आओ

बहनों,

मि

लकर

हा

थ

बढ़ा

ना

है

अपने

वा

र्

ड

के

वि

का

स

के

लि

ए,

वि

का

स

दहि

या

को

जि

ता

ना

है

सबके

दि

लों

पे

रा

ज

करे

गा,

ये

वा

दा

पक्

का

है

वि

का

स

का

ये

जो

श

दे

खो,

बा

की

सब

तो

धक्

का

है

सु

न

लो

सब

ये

ध्

या

न

से,

अब

समय

बदल

गया

है

वि

का

स

दहि

या

के

आने

से,

वा

र्

ड

अपना

सं

भल

गया

है

वि

का

स

दहि

या!

वि

का

स

दहि

या!

जन-जन

की

आवा

ज़

है

वा

र्

ड

के

वि

का

स

की

खा

ति

र,

अब

बदला

व

का

आगा

ज़

है

वि

का

स

दहि

या!

वि

का

स

दहि

या!

जन-जन

की

आवा

ज़

है

वा

र्

ड

के

वि

का

स

की

खा

ति

र,

अब

बदला

व

का

आगा

ज़

है

गली

-गली

में

ला

इट

जले

गी,

अं

धि

या

रा

दू

र

भगा

एँ

गे

सा

फ-सफा

ई

और

स्

वच्

छता

से,

अपना

वा

र्

ड

सजा

एँ

गे

ना

लि

यों

की

मरम्

मत

हो

गी,

पा

नी

की

नि

का

सी

हो

गी

पी

ने

के

पा

नी

की

समस्

या,

सबसे

पहले

हल

हो

गी

को

ई

का

म

न

रु

के

गा

अब,

रफ्

ता

र

अपनी

ते

ज

है

वि

का

स

दहि

या

के

सा

थ

दे

खो,

जी

त

का

ये

क्

रे

ज

है

सबकी

से

वा

करना

ही,

बस

एक

ही

अपना

लक्

ष्

य

है

वि

का

स

के

इस

सफर

में,

अब

नया

एक

रक्

स

है

वि

का

स

दहि

या!

वि

का

स

दहि

या!

जन-जन

की

आवा

ज़

है

वा

र्

ड

के

वि

का

स

की

खा

ति

र,

अब

बदला

व

का

आगा

ज़

है

वि

का

स

दहि

या!

वि

का

स

दहि

या!

जन-जन

की

आवा

ज़

है

वा

र्

ड

के

वि

का

स

की

खा

ति

र,

अब

बदला

व

का

आगा

ज़

है

ना

को

ई

छो

टा,

ना

को

ई

बड़ा,

सबको

सा

थ

नि

भा

ना

है

बि

ना

भे

दभा

व

हर

इं

सा

न

का,

मा

न-सम्

मा

न

बढ़ा

ना

है

जरू

रतमं

द

की

बा

त

सु

नें

गे,

हर

दु

ख-दर्

द

को

जा

नें

गे

जनता

की

आवा

ज़

बनकर,

पं

चा

यत

तक

पहुँ

चा

एँ

गे

वि

का

स

दहि

या

आया

है,

नई

उम्

मी

द

ला

या

है

वा

र्

ड

की

हर

गली

में,

खु

शि

यों

का

पै

गा

म

ला

या

है

गली

हो

सा

फ,

सड़

क

हो

रो

शन,

हर

घर

में

खु

शहा

ली

हो

वि

का

स

दहि

या

के

सं

ग

हमा

रे,

वा

र्

ड

में

अब

दि

वा

ली

हो

वि

का

स

ही

वि

का

स

हो

गा,

ये

सबको

बता

एँ

गे

वि

का

स

दहि

या

के

दम

से,

हम

इति

हा

स

बना

एँ

गे

वि

का

स

दहि

या!

वि

का

स

दहि

या!

जन-जन

की

आवा

ज़

है

वा

र्

ड

के

वि

का

स

की

खा

ति

र,

अब

बदला

व

का

आगा

ज़

है

वि

का

स

दहि

या!

वि

का

स

दहि

या!

जन-जन

की

आवा

ज़

है

वा

र्

ड

के

वि

का

स

की

खा

ति

र,

अब

बदला

व

का

आगा

ज़

है

वि

का

स

दहि

या

को

जि

ता

एँ

गे,

अपने

वा

र्

ड

को

चमका

एँ

गे!

वि

का

स

दहि

या

को

जि

ता

एँ

गे,

मि

लकर

नया

वा

र्

ड

बना

एँ

गे!

ओए!

वि

का

स

दहि

या!

वि

का

स

दहि

या!

जी

त

पक्

की

है

भा

ई!

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